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गुजरात के सूरत शहर में 21 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पानी की टंकी उद्घाटन से पहले ही ढह गई। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह घटना शहर के एक इलाके में सामने आई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।बटंकी के अचानक गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और क्षेत्र को सुरक्षित किया गया। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही और गंभीर तकनीकी खामी की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार एजेंसी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश की सुरभि गौतम ने हिंदी माध्यम से पढ़ाई की थी । कॉलेज में अंग्रेजी न बोल पाने की वजह से उनका मजाक उड़ाया जाता था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
सुरभि ने 10वीं और 12वीं में बिना कोचिंग के 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए । भोपाल इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन में बीटेक करने के दौरान उन्होंने लाइब्रेरी से अंग्रेजी की किताबें लेकर मेहनत की और पूरी यूनिवर्सिटी में टॉप किया।
इसके बाद उन्होंने ISRO, BARC, IES और IAS सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाई । साल 2016 में सुरभि ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 50वीं रैंक हासिल कर IAS अधिकारी बनकर सभी को साबित कर दिया कि अंग्रेजी न आना सफलता में बाधा नहीं है।
यूपी के झांसी में एक युवक की इंस्टाग्राम पर राजस्थान की युवती से दोस्ती हुई. परिवार से जिद के बाद मंदिर में उनकी शादी कराई गई. लेकिन महज छह महीने में इस कहानी का ऐसा खौ/फनाक अंत हुआ जिसने दो परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया.
दरअसल, कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित सागर गेट बाहर एक 19 वर्षीय युवक ने फां//सी लगाकर आ/त्ह7त्या कर ली. युवक की मौ/त की खबर सुनकर पड़ोस की एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला की सद/मे से मत हो गई. यह घtना पूरे इलाके में चर्चा और गम का कारण बनी हुई है.
ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र के महमदपुर गुर्जर गांव में जहरीला पानी पीने से 25 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक की हालत गंभीर बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि कारों के पार्ट्स साफ करने वाली एक वर्कशॉप से दूषित पानी बह रहा था, जिसे पीते ही भेड़ों की तबीयत बिगड़ गई. सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची, पानी के सैंपल लिए गए, वर्कशॉप को सील किया गया और कई लोगों को हिरासत में लिया गया.
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पेरेंटिंग कोच रेनू गिरधर का कहना है कि पेरेंट्स चाहे कितने भी गुस्से में क्यों न हों, उन्हें कुछ बातें अपने बच्चे से कभी नहीं कहनी चाहिए। सबसे पहले, ‘तुमसे तो कुछ नहीं हो पाएगा’ जैसे शब्द बच्चे के आत्मविश्वास को पूरी तरह तोड़ देते हैं। वहीं, ‘तुम अपने भाई-बहन जैसे नहीं हो’ कहकर तुलना करना बच्चे के भीतर असुरक्षा और जलन की भावना पैदा करता है। इसके अलावा, ‘तुम्हें खुद पर शर्म आनी चाहिए’ जैसी बातें बच्चे की गलती पर नहीं, बल्कि उसकी पूरी पर्सनैलिटी पर सवाल खड़े कर देती हैं। साथ ही, ‘बस बहुत हुआ, रोना बंद करो’ कहने से बच्चा अपनी भावनाओं को दबाना सीख लेता है। इसीलिए पेरेंट्स ऐसी बातें कभी न कहें। एक्सपर्ट ने यह जानकारी इंस्टाग्राम वीडियो में दी है।
लंदन के एक प्राइमरी स्कूल से सामने आया यह मामला सिर्फ धार्मिक भेदभाव तक सीमित नहीं है, बल्कि एक मासूम बच्चे के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य से भी जुड़ा है। महज तिलक लगाने की वजह से 8 साल के हिंदू बच्चे को स्कूल छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा, जिससे वह डर, अकेलेपन और असुरक्षा की भावना से जूझने लगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगातार निगरानी और स्कूल में जिम्मेदारियों से हटाए जाने के कारण बच्चा सदमे में चला गया और सामाजिक रूप से खुद को अलग करने लगा।
सामान्य स्वास्थ्य दृष्टिकोण से देखा जाए तो बचपन में इस तरह का भेदभाव, डर और सामाजिक अलगाव मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल सकता है। इससे बच्चों में एंग्जायटी, आत्मविश्वास की कमी और लंबे समय तक भावनात्मक तनाव रहने का खतरा बढ़ जाता है। एक सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी माहौल बच्चों के मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी होता है, ताकि वे खुद को स्वीकार किया हुआ और सुरक्षित महसूस कर सकें।
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