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🚨 Real Heroes in Action 🇮🇳❤️
In the remote and sensitive forests of Narayanpur, Chhattisgarh, brave personnel of the Indo-Tibetan Border Police (ITBP) showed what true service to humanity looks like.
A pregnant woman in Boter village, deep inside Indravati National Park, was in critical condition — with no roads, no transport, and miles of dense forest ahead.
24 घंटे में हत्या का खुलासा: साथी गार्ड ही निकला कातिल, 29 हजार के लिए कुचला सिर
जयपुर। गलतागेट थाना क्षेत्र में पार्किंग गार्ड की निर्मम हत्या के मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे में खुलासा कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात में मृतक का साथी गार्ड ही कातिल निकला, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार 23 मार्च 2026 को प्रमोद सिंह की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक के बेटे रंजीत कुमार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिस पर पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) और बैंक ट्रांजेक्शन खंगाले। इसमें सामने आया कि घटना वाले दिन सुबह 4:39 बजे मृतक के खाते से ₹29,000 ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए थे। यह राशि एक UPI आईडी पर गई, जो उसके साथी गार्ड प्रदीप कुमार यादव उर्फ कन्हैया की निकली।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी प्रदीप कुमार यादव को क्रिकेट में ऑनलाइन सट्टा खेलने की लत थी और वह कुछ दिन पहले करीब ₹5000 हार गया था। उसने मृतक से ₹2000 उधार मांगे, लेकिन मना करने पर उसने हत्या की साजिश रच डाली।
23 मार्च की अलसुबह करीब 4 बजे गार्ड रूम में सो रहे प्रमोद सिंह के सिर पर पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने मृतक का मोबाइल लेकर उसके अंगूठे की मदद से फोन अनलॉक किया और ₹29,000 अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए।
वारदात को छिपाने के लिए आरोपी ने मृतक के फोन से सिम निकालकर पानी की टंकी में फेंक दी और मोबाइल छुपा दिया। इतना ही नहीं, शक से बचने के लिए वह खुद पुलिस जांच में शामिल होकर सामान्य व्यवहार करता रहा।
हालांकि पुलिस की तकनीकी जांच और बैंक डिटेल के आधार पर सच्चाई सामने आ गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस कार्रवाई में पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त और गलतागेट थाना पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से हेड कांस्टेबल प्रदीप सिंह का इस मामले के खुलासे में अहम योगदान रहा।
पुलिस अब आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है।